Wednesday, April 11, 2018

बस यूँ ही !!


हर दिल टूटा है यहाँ हर दिल ने चोट खायी है
हर दिल में वफ़ा है और थोड़ी सी बेवफाई है 

 

देखती है नज़र जब भी आसमां से परे
दिखते हैं कुछ गुलसिताँ
पर टूटे हैं गुल सारे
रह गए हैं बस खार ही खार